Thursday, June 12, 2025

My youtube Account was suspended. I hate when this happens

 My youtube Account was suspended.  I hate when this happens

1) Reason for opening of YouTube account

In fact, I opened and activated my YouTube account with the following reasons and interests. But when my YouTube account was suspended, I felt irritated and sad that the reasons shown on the website were ridiculous, meaning the charges leveled against me are unsustainable. I uploaded almost 8 to 10 videos related to the tours, recorded by me through my own mobile, and I tried to follow all community guidelines, including background music used by me downloaded from websites allowing free downloads, and I never used any videos owned by a third party or now owned by me. I hate those and the way my YouTube account was suspended. 

The reasons that I took interest in opening of my YouTube account were-

1.       I was working in the  company on a Group B post, related to the Software and training, for which I used to hold online training session through PPT or video recordings, which created an interest to go for YouTube.

2.    My friends and relatives suggested me to send some lectures through video recording.

3.       I have no interest in earning money through YouTube channel or no intention to find out other source of income.

4.    Developing contact: Interacting with viewers via live streaming, comments, and other interactive elements can promote a feeling of belonging and community.

5.     Gaining self-esteem and confidence can be achieved by overcoming the difficulties involved in producing and disseminating material.

6.    Knowledge sharing: Sharing knowledge means our knowledge is multiplied. One's knowledge and comprehension of the world can be expanded by conducting research and producing material on a variety of subjects.

2) Politics:

I felt that I was being victimized in the politically motivated group for the harm that I had not done at all. But who cares? One cannot imagine that a YouTube account suspension can be frustrating and upsetting to the law-abiding people.

when I searched on Google as to what are sufferings of YouTubers whose accounts have been suspended or blocked, then I heard a lot of sad stories, as if they were not heard about. One of them said that when he submitted his appeal at the Google website in the format, he received the rejection reply within minutes of submission of the appeal.  He further added, How could they Google YouTube has checked his 15 minutes of videos and 100 lines of appeal within a minute.  One of them said that it means they have automated the reply and rejection in the system to handle and let people make hue and cry.

3) Observations

Anything that uses automated systems or shows videos to unwary viewers in an attempt to artificially raise views, likes, comments, or other metrics is prohibited by YouTube. However, a large number of YouTubers are providing the services.

4) While suspension they give the following:

They mentioned the following wordings to suspend my YouTube channel.

"Content that promotes spam, scams, or other deceptive practices isn’t allowed on YouTube."

My YouTube channels are :


From the above list of topics, I took a keen interest in editing and uploading to YouTube.  From the name of the topics themselves, it shows I have had no interest in making any spam or deceptive practices, as specified in the community guidelines, as I had no interest throughout of my life to adopt such malpractices, as I am a law-abiding citizen throughout my government service.  In my government service on a gazetted post, I tried to be honest and good officer so that my subordinates could learn and my organisations will never be in losses becouse of my wrong practicses.

I used the software "Filmora' on license basis by paying online a license fee  + Taxes per month, and I never downloaded any such software for editing of my videos, being a severity of the subject.  Even my son is employed in Adobe, and he offered me a license copy of Adobe's software, like "Adobe Express," "Adobe Premiere Pro," "Adobe Illustrator," and so on. He gave me a license number given by Adobe, with expiry date for the year.  I was using both Filmora and Adobe for editing of my videos, so that nobody could find anviy reason to blame me for a wrog practices.   I paid the license fee for Filmorea out of my pension payment, and I had no cent of income from YouTube. Rather, I joined YouTube without any intention of earning money.

I have no idea. as to what kindly of scam that they noticed in my videos, that was leading to wrong practices.  I  visited the following websites for free images or short videos or banners or thumbnails. 




Tuesday, June 4, 2024

Sher and story-line

 

Sher and story-line

वक्त


वक्त
 किसी के लिए रुकता नहींये जैसा भी हो बीत जाता है

 वक्त रहते पैसों ko पाया जा सकता है लेकिन पैसों से वक्त को पाया नही जा सकता,

 वक्त अच्छा हो तो पराए भी अपने बन जाते हैं और वक्त बुरा हो तो अपने भी पराए हो जाते हैं,

 जब समय की मार पढ़ती है,  गरीब हो अमीर,  सबको हिसाब देना पढ़ता है

 वक्त के साथ बदलना सिखो।  वक्त के साथ चलने से , कामियाबी क़दम छूती हैं।  कामियाबी  सबको नहीं मिलती। वक्त की कद्र  जानने वालो को ही कामियाबी मिलती हैं 

 मुसीबतें / कठनायिया कितनी ही क्यों ना  जाए , हर राह परमुसीबतों का हल निकलना सीखो ,

 तुम हर राह परचलना सीखो। वक्त के साथ बदलना सीखो। 

 मंज़िल उसे ही मिलती है  जिस को उसे पाने की चाहत होती है,  जिसे वक़्त की कद्र होती हैं

 मंज़िल पाने के लिए कड़ी मेहनत aur अच्छी लगन ki सख्त जरूरत होती है

 जीवन में ठोकरों से संभलना सीखोवक्त के साथ बदलना सीखो।

 जीवन का नाम ही मेहनत है मेहनत करना सीखोछूना है अगर आसमां तो अविरत होकर कठिन राहों पर भी चलना सीखोवक्त के साथ तुम बदलना सीखो

 बुरा वक्त तो सबका आता हैं,  फर्क सिर्फ इतना है की ,  कोई बिखर जाता हैंतो कोई निखर जाता हैं।

 वक़्त पे जो इंसान काम आता हैं,उसका चेहरा तो भुलाये से भी भुला नहीं जाता हैं।

 बुरा हो वक्त तो सब आजमाने लगते हैं,बड़ो को छोटे भी आँखे दिखाने लगते हैं,नये अमीरों के घर भूल कर भी मत जाना,हर एक चीज की कीमत बताने लगते हैं

 अभी साथ था अब खिलाफ है,वक्त का भी आदमी जैसा हाल है

 जो बातें वक्त सीखता है किताबो में ढूढना मुस्किल होता है

 वक़्त का ख़ास होना जरुरुई नहीं,ख़ास लोगों के लिए वक़्त का होना जरुरी हैं।

 बुरा वक्त भी कमाल का होता है जब भी आता है संभलना सीखा जाता है

 गम के अंधेरे में,खुद को बेकार ना कर,सुबह जरूर आएगी,सुबह का इंतजार कर

 कितना भी समेट लो हाथों से फिसलता ज़रूर है,ये वक्त है दोस्तों बदलता ज़रूर है

 वक़्त लगता है खुद को बनाने में,इसलिए वक़्त बर्बाद मत करो,बेवजह किसी को मनाने में।

 वक्त का मारा और बेसहारा बेफिजूल की बातो में अपना समय बर्बाद नही करते

 जब आपका बुरा वक्त आता है तो लोगो का बात करने का तरीका बदल जाता है

 पैसा कमाने के लिए इतना वक़्त खर्च ना करो की,पैसा खर्च करने के लिए ज़िन्दगी में वक़्त ही  मिले।

 वक्त भी बड़ा अच्छा खेल दिखाता है  कभी हसाता है कभी रुलाता है। किस्मत को तो यू ही बदनाम किया है दुनिया ने  असली खेल तो वक्त दिखाता है।

 किसी एक पल को खास समझने से अच्छा है अपने पूरे समय को खास बनाने की कोशिश करो।

 अब तो तन्हाई भी अपनी लगती है। क्यकि जिंदगी भर साथ निभाने का वादा जो इसने किया 

जो कभी पास था, अब बस याद है। क्यकि जो पास था वो कभी पास नहीं आ सकता लेकिन उसकी यादे हरदम मेरे साथ हैं 

अकेलापन भी अब सुकून देता है। क्यकि जब सब बीच रस्ते में छोड़ जाते है तो अकेलापन मेरा साथ देता हैं 

मुस्कुराता हूँ, पर दिल अब भी उदास है। 

वक्त ने सिखाया, भरोसा सब पर मत करो। 

अब किसी से कोई उम्मीद नहीं। 

दर्द भी अब अपना बन गया है। 

जो हँसी थी, अब खामोशी है। 

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वक्त भी बड़ा अच्छा खेल दिखाता है  कभी हसाता है कभी रुलाता है। किस्मत को तो यू ही बदनाम किया है दुनिया ने  असली खेल तो वक्त दिखाता है।

किसी एक पल को खास समझने से अच्छा है अपने पूरे समय को खास बनाने की कोशिश करो।

दूसरो के बुरे वक्त पर हसने वालो को भी  वक्त रुलाता हैं

वक्त ने ही  तो सिखाया है कौन अपना है और कौन पराया है

 वक्त भी बड़ा अजीब है जब बदलने पर आता है तो जरा भी वक्त नही देता ना तो संभलने का और ना ही सुधरने का।

बुरे वक्त में जो साथ दे वही तो सच्चे अपने होते हैं,  वही तो होते हैं जो दिल से आपको प्यार करते है,

कभी उनका हाथ और उनका साथ ना छोड़ना  जिन्होंने अपको कभी अकेला छोड़ा

सफ़र में मुश्किलें आए ,तो हिम्मत और बढ़ती है …अगर कोई रास्ता रोके , तो जुर्रत और बढ़ती है.

जिस-जिस पर यह जग हंसा है , उसी ने इतिहास रचा है।

जो सही करने की हिम्मत उसी में आती है जो गलती करने से नहीं डरते है

रास्ते कभी खत्म नहीं होते बस लोग हिम्मत हार जाते हैं तैरना सीखना है तो पानी में उतरना ही होगा किनारे बैठकर कोई गोताखोर नहीं बनता..

महानता वह नहीं होती कि आप गिर गए और उठे ही ना महानता उसे कहते हैं जवाब गिरकर बार-बार उठते हैं

अगर आपने सफर शुरू कर ही दिया है तो बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं होगा क्योंकि वापस आने में जितनी दूरी तय होगी क्या पता मंजिल उससे भी पास हो

सपनों को सच करने से पहले सपनों को ध्यान से देखना होता है.

अगर आप सफल होना चाहते हो तो आपको अपने काम में एकाग्रता लानी होगी

जीवन में समस्याओं का सामना इसलिए करना पड़ता है ताकि हम उन से लड़कर और भी मजबूती के साथ निखर कर आये

सफलता हमारा परिचय दुनिया से करवाती है और असफलता हमें दुनिया का परिचय करवाती है

जीत कर दिखाओ उनको जो तुम्हारी हार का इंतजार कर रहे हैं.

खुश रहने का मतलब ये नहीं कि सब कुछ ठीक है इसका मतलब ये है कि आपने  आपके दुखों से उपर उठकर जीना सीख लिया है

 परवाह आदर और थोड़ा समय यह वो दौलत हैं जो अक्सर हमारे अपने हम से चाहते हैं

जो तकलीफ तुम खुद बर्दाश्त नहीं कर सकते , वो किसी दूसरे को भी मत दो

अगर भाग्य पर भरोसा हैं तो जो तक़दीर मे लिखा हैं वही पाओगे,और अगर खुद पर भरोसा है तो ,जो चाहोगे वही पाओगे

समस्याएं हमारे जीवन मे बिना किसी वजह के नहीं आती। उनका आना इशारा है की हमें अपने जीवन मे कुछ बदलना है..

मंज़िल चाहे कितनी भी ऊंची क्यों ना हो , उसके रास्ते हमेशा पैरो के नीचे से ही जाते है 

जो अपने कदमो की काबिलियत पर विश्वास रखते हैं, वो ही अकसर मंजिल पर पहुंचते है

काबिल दोस्त का होना भी शायद तक़दीर होती हैं बहुत कम लोगों हाथों मे ये लकीर होती हैं

हमेशा खुद पर विश्वास रखना, क्योंकि एक पेड़ पर बैठा पक्षी. कभी भी डाल टूटने से नहीं डरता है क्योंकि उसका भरोसा डाल पर नहीं, वल्कि खुद के पंखों पर होता है

बारे दुनिया में रहो ग़म-ज़दा या शाद रहो  ऐसा कुछ कर के चलो याँ कि बहुत याद रहो 

हौसले भी किसी हकीम से कम नहीं होते, हर तकलीफ़ में ताकत की दवा देते हैं

लकीरें अपने हाथों की बनाना हमको आता है, वो कोई और होंगे अपनी किस्मत पे जो रोते हैं

उदासियों की वजहें तो बहुत हैं ज़िंदगी में, बेवजह खुश रहने का मजा ही कुछ और है

खुद को यूँ खोकर ज़िन्दगी को मायूस न कर, मंज़िलें चारों तरफ हैं रास्तों की तलाश कर

जिन के होठों पे हँसी पाँव में छाले होंगे, वही लोग अपनी मंज़िल को पाने वाले होंगे

मेरे हाथों की लकीरों के इज़ाफ़े हैं गवाह, मैंने पत्थर की तरह खुद को तराशा है बहुत


 

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 Friends दोस्त:                             

 सच्चे दोस्त रात में सितारों की तरह होते हैं - आप उन्हें हमेशा नहीं देखते हैं

सच्ची दोस्ती को पहचानना इतना मुश्किल भी नहीं होता बस वो हंसना भूल जाएंगे तुम्हे रोता हुआ देखकर।

ज़िंदगी हमे बेहतरीन दोस्त देती है लेकिन जब सच्चे दोस्त मिल जाते हैं तब वो हमारी ज़िंदगी को ही बेहतरीन बना देते हैं।

सच्ची दोस्ती एक ऐसी दवा है जिसकी कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती

एक अच्छा दोस्त हमेशा आपको सही रास्ता दिखाता है. आपको गलत संगत से बचाता है,

एक अच्छा दोस्त निस्वार्थ भाव से अपने दोस्त की मदद करने के लिए हर वक्त खड़ा रहता है.

आपका दोस्त अपना फायदा या नुकसान देखे बिना आपकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार है तो मान लीजिए वह आपका सबसे अच्छा दोस्त है.

एक सच्चा दोस्त परवाह करता है, साझा करता है और हमेशा ईमानदार रहता है

अच्छे दोस्त कभी मतलबी नही. होता है मतलबी लोग कभी अच्छे दोस्त नही होते है.

छल की दुनिया है जज़्बातों की कदर क्या जाने , यह दोस्त भी मतलबी है


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 wife

अशा लोकांना कधीच जवळ करू नका ज्यांना तुमच्या feelingsची कदर नाही आहे. ज्यांच्यासाठी तुम्ही सगळं काही तुमच्या आयुष्याच्या गोष्टी गमावल्या आहेत ज्यांच्यासाठी तुम्ही सगळ्या काही गोष्टी केल्यात आणि त्याच वेक्तीला आपल्या प्रेमाची किंमत कळत नसेल तर अश्या ला सोपं नाही जवळ करणे .

गुजरते हुए  साल ने हमी बहुत कुछ  सिखाया, कुछ मतलबी चेहरो और कुछ अपणो  ने भी  रंग दिखाया हैं , अब इस साल कुछ थोडा सम्बल कर चलना .  हात मिलाना है पर सबको गले नहीं लगाना हैं  



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Toleration / सहन

एक इंसान तब तक ही सहन करता है जब तक उसके सहने की  एक हद होती है, लेकिन जब वो हद पार हो जाती है,  तब ना  ही वह रिस्तो को ना अपनों को  जरुरी समझता है 



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क़हर हो या भला हो , जो कुछ हो 

काश के तुम मेरे लिए होते 
मेरी किस्मत में ग़म गर इतना था 
दिल भी या रब कई दिए होते 
ही जाता वो राह परग़ालिब
कोई दिन और भी जिए होते

बे-वजह नहीं रोता इश्क़ में कोई ग़ालिब 

जिसे खुद से बढ़ कर चाहो वो रूलाता ज़रूर है

हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है

और क्या लिखूं... अपनी जिन्दगी के बारे में, 
जो जिन्दगी हुआ करते थे वो ही बिछड़ गये।

 

जब लगा था तीर तब इतना दर्द हु..
ज़ख्म का एहसास तब हुआ जब कमान देखी अपनों के हाथ में!!

कुछ इस तरह मैंने ज़िन्दगी को आसा कर लिया,
किसी से मांग ली माफ़ी, किसी को माफ़ कर दिया

अगर मुहब्बत की हद नहीं कोई,
तो फिर दर्द का हिसाब क्यों रखूँ

 

तुम समझ लेना बेवफा मुझको, मै तुम्हे मगरूर मान लूँगा

ये वजह अच्छी होगी , एक दूसरे को भूल जाने के लिये

 

ओरो के लिए जीते थे किसी को कोई शिकायत थी।
अपने लिए जीनेका क्या सोचा सारा जमाना दुश्मन हो गया.

 

apano.n ne nazar pherii to dil ne to diyaa saath
duniyaa me.n ko_ii dost mere kaam to aayaa
[Shakeel Badayuni]

दिन की रोशनी ख्वाबों को बनाने मे गुजर गई

रात नींद को मनाने मे गुजर गई

जिस घर मे मेरे नाम की तखती भी नहीं सारी उमर उस घर को सजाने मे गुजर गई।

 

nahii.n shikavaa mujhe kuchh bevafaa_ii kaa terii har_giz
gilaa tab ho agar tuune kisii se bhii nibhaa_ii ho
[Khwaja Meer Dard]

अब  न दीजे  ज़फर  किसी  को  दिल

की जिसे देखा बेवफा देखा

 

ab na diije zafar kisii ko dil
ki jise dekhaa, bevafaa dekhaa
[Bahadur Shah Zafar]

 

ujaale apanii yaado.n ko hamaare saath rahane do
na jaane kis galii me.n zindagii kii shaam ho jaaye
[Bashir Badr]

 

zindagii tujh se ummiid-e-vafaa kyaa rakkhuu.N
jab mujhe chho.D gaye dost puraane mere
[Muzaffar Warsi]

 

zindagii yuu.N bhii guzar hii jaatii
kyo.n teraa raahaguzar yaad aayaa
[Mirza Galib]

 

zindagii kii bisaat par aksar
jiitii baazii bhii ham ne haarii hai
[Tabish Dehlvi]

 

tum muhabbat ko khel kahate ho
ham ne barbaad zindagii kar lii
[Bashir Badr]

 

Khudii ko kar buland itanaa ki har taqdiir se pahale
Khudaa bande se Khud puuchhe bataa terii razaa
[Allama Iqbal]

 

ab Khushii hai na ko_ii Gam rulaane vaalaa
hamane apanaa liyaa har rang zamaane vaalaa

us ko ruKhsat to kiyaa thaa mujhe maaluum na thaa
saaraa ghar le gayaa, ghar chho.D ke jaane vaalaa

ik musaafir ke safar jaisii hai sab kii duniyaa
ko_ii jaldii me.n ko_ii der se jaane vaalaa

ek be-cheharaa sii ummiid hai cheharaa-cheharaa
jis taraf dekhiye aane ko hai aane vaalaa

वक्त की हो धूप या तेज़ हो आँधियाँ,
कुछ क़दमों के निशाँ कभी नहीँ खोते,
जिन्हें याद करके मुस्कुरा दें ये आँखें,
वो लोग दूर होकर भी दूर नहीं होते

 

कौन समाज पाया है आज तक हमे

हम अपने हादसों के एकलौते गवाह है

 

सामने मंज़िल थी और पीछे उसका वजूद ..

क्या करते हम भी यारो .

रुकते तो सफर रह जाता ..

चलते तो हमसफ़र रह जाता

 

मुसाफ़िराना सी जिंदगी है

कुछ मंज़िले अधूरी सी है

कुछ ख्वाब मुक्कमल हुवे है

बस कुछ और थोड़े  बाकि है

 

 

समेट लो इन नाजुक पालो को

ना जाने यह लम्हे हो ना हो

हो भी यह लम्हे क्या मालूम

शामिल उन पालो में हम हो ना हो

 

कभी कभी बहुत सताता है यह सवाल मुझे

हम मिले ही क्यों थे

जब हमे मिलना ही नहीं था

 

कहाँ कोई ऐसा मिला जिस पर हम दुनिया लुटा देते,
हर एक ने धोखा दिया, किस-किस को भुला देते,
अपने दिल का ज़ख्म दिल में ही बाये रखा,
बयां करते तो महफ़िल को रुला देते..

 

 

पहचान कहाँ हो पाती है, अब इंसानों की,.,
अब तो गाड़ी, कपडे लोगों की, औका तय करते हैं,.,!!

आख़िर तुम भी उस आइने की तरह ही निकले...
जो भी सामने आया तुम उसी के हो गए.!!

दर्द के सिवा कभी कुछ दिया,
गज़ब के हमदर्द हो आप मेरे !!!

 

तेरी महफ़िल से उठे तो किसी को खबर तक ना थी,
तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमें बदनाम कर गया।

 

ख्वाब ख्याल, मोहब्बत, हक़ीक़त, गम और तन्हाई,
ज़रा सी उम्र मेरी किस-किस के सा गुज़र गयी !!!       

 

सफ़र की हद हो,वहां तक ये निशान रहे .,.,
चले चलो के जहाँ तक ये आसमान रहे .,.
ये क्या के उठाये कदम और गयी मंजिल .,.,
मज़ा तो जब है के पैरों में कुछ थकान रहे .,.,!!!

 

रास्ता भूल गया  क्या इधर आने वाला ,.,
अब तो ये सुबह का तारा भी है जाने वाला .,.,

याद के फूल को पलकों पे सजा के रखना ,.,
ये मुसाफिर है बहोत दूर से आने वाला .,.,

आप उस शक्श से वाकिफ तो हैं ,कम वाकिफ हैं ,.,
वो मसीहा है मगर ज़ख्म लगाने वाला .,.

जिस्म में सांस थी जब तक वो मुखालिफ ही रहा ,.,
मेरा दुश्मन था , मगर साथ निभाने वाला .,.,.!!!!!

सूरज, सितारे, चाँद मेरे साथ में रहे.,.
जब तक तुम्हारे हाथ मेरे हाथ में रहे.,,
साखों से टूट जाये वो पत्ते नहीं हैं हम.,,
आंधी से कोई कह दे के औकात में रहे.,.,!!!

इस सादगी पे कौन मर जाये खुदा ,.,
के लड़ते भी हैं और हाथ में तलवा भी नहीं हैं ,.,!!!

बहोत थे मेरे भी इस दुनिया में अपने .,.,
फ़िर इश्क़ हुआ और हम लावारिस हो गए .,.,!!!

लगा के आग दिल में चले हो तुम, कहाँ हमदम ,
अभी तो राख उड़ने पर तमाशा और भी होगा .,.,!!!        

हर एक चेहरे को ज़ख़्मों का आईना कहो
ये ज़िन्दगी तो है रहमत इसे सज़ा कहो,.,

जाने कौन सी मज़बूरीओं का क़ैदी हो,
वो साथ छोड़ गया है तो बेवफ़ा कहो,.,

तमाम शहर ने नेज़ों पे क्यूँ उछाला मुझे,
ये इत्तेफ़ाक़ था तुम इस को हादसा कहो,.,

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अब तो तन्हाई भी अपनी लगती है। क्यकि जिंदगी भर साथ निभाने का वादा जो इसने किया 

जब तन्हाई अपनी लगने लगे, तब व्यक्ति न तो किसी से उम्मीद रखता है, न किसी का इंतजार। वह अपनी ही संगत में रम जाता है। 

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जो कभी पास था, अब बस याद है। क्यकि जो पास था वो कभी पास नहीं आ सकता लेकिन उसकी यादे हरदम मेरे साथ हैं 

अब न तो कोई शिकवा है, न कोई गिला। न उसके लौटने की आस है, न उसके जाने का गम। बस एक मीठी-सी याद बची है, जो कभी कभी आती है, महक छोड़ जाती है और चली जाती है।

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अकेलापन भी अब सुकून देता है। क्यकि जब सब बीच रस्ते में छोड़ जाते है तो अकेलापन मेरा साथ देता हैं 

जब रिश्तों की भीड़ से ज्यादा मन की शांति जरूरी हो जाती है, तब अकेलापन बोझ नहीं, वरदान लगने लगता है।

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मुस्कुराता हूँ, पर दिल अब भी उदास है। 

यह उस इंसान की सच्ची तस्वीर है, जिसने बाहर से सब कुछ संभाल लिया है... अकेलेपन को अपना लिया है, तन्हाई को अपना लिया है, यादों से समझौता कर लिया है, पर भीतर की बेचैनी पूरी तरह नहीं गई।


बाहर मुस्कुराहट — या तो आदत बन चुकी है, या दुनिया को दिखाने के लिए है।

भीतर उदासी — अब चीखती नहीं, पर मौजूद है, उसी तरह जैसे सूखा पत्ता हवा से उड़ तो नहीं रहा, पर टहनी पर काँप रहा है

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वक्त ने सिखाया, भरोसा सब पर मत करो। 

यह वही सबक है, जो जीवन बिना किताबों के, बिना उपदेशों के — सिर्फ़ दर्द देकर सिखाता है।

भरोसा करना कोई कमज़ोरी नहीं, लेकिन हर किसी पर किया गया भरोसा अनुभवों के बाद ही नाप-जोल करना आता है।


शायद इसलिए अब:


कहीं उम्मीदें कम कर दीं,


कहीं दूरियाँ बना लीं,


कहीं चुप रहना सीख लिया,


और कहीं खुद से भी कह दिया — “संभल कर चल।”

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अब किसी से कोई उम्मीद नहीं। 

उम्मीद न रखने का मतलब यह नहीं कि अब आपने हार मान ली है।

इसका मतलब है — अब आप वास्तविकता को वैसे ही स्वीकार करते हैं, जैसी वह है, बिना उसे सजाए-संवारे।

जब उम्मीद नहीं रहती, तो न तो झूठा उत्साह रहता है, न बेवजह का दुख।

रह जाता है बस एक शांत संयम — और यही वह अवस्था है, जहाँ दूसरों के जाने या न आने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

बस अपने कंधे पर अपना सिर रखकर,

अपनी ही छाँव में चलना सीख जाते हैं।

यह कड़वाहट नहीं है — यह परिपक्वता है।

और जो इस मुकाम तक पहुँच जाता है, उसे दुनिया समझ नहीं पाती — पर वह दुनिया से कुछ नहीं चाहता।

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दर्द भी अब अपना बन गया है। 

**“दर्द भी अब अपना बन गया है।”**


यह वह वाक्य है, जहाँ इंसान न केवल अपने घावों को स्वीकार कर लेता है, बल्कि उनके साथ जीना सीख जाता है।


जब दर्द अपना बन जाता है, तब:

- वह हर सुबह का हिस्सा होता है,

- चुप्पी में बोलता है,

- अब रुलाता नहीं — सिर्फ याद दिलाता है कि तू अब वह नहीं रहा जो पहले था।


दर्द का अपना बनना यह भी कहता है कि:

**“न तो मैं इससे भागता हूँ, न इससे मिलता हूँ — बस साथ-साथ चलता हूँ।”**


अपनों ने छोड़ा तो दर्द साथी बन बैठा।  

खुशियाँ मिलकर भी अजनबी लगीं, और दर्द अकेले रहकर भी अपना।


आपने तमाम पंक्तियों में जो एक सिलसिला बुना है —  

अकेलापन, तन्हाई, यादें, उम्मीद का खत्म होना, मुस्कान के पीछे की उदासी, और अब दर्द से दोस्ती —  

वह **किसी एक व्यक्ति की तरसील (tragedy) नहीं, बल्कि उसकी परिपक्वता की गाथा** है।


प्रणाम इस सच्चाई को स्वीकारने के साहस को।

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जो हँसी थी, अब खामोशी है। 

**“जो हँसी थी, अब खामोशी है।”**


यह पंक्ति मानो सब कुछ कह गई — बिना कुछ चिल्लाए।


हँसी का खामोशी में बदलना कोई एक रात की बात नहीं है।

यह धीरे-धीरे होता है...

जब बातें करने से अच्छा लगने लगता है चुप रहना,

जब समझाने से बेहतर लगने लगता है सुनना,

जब शोर से दूर, अपने ही कोने में शांति मिलने लगती है।


कभी हँसी थी जो कमरों में गूंजती थी,

अब खामोशी है जो दीवारों से बातें करती है।


यह खामोशी उदासी नहीं है — यह एक **भाषा** है।

वह भाषा जो वह बोलता है, जिसने देख लिया कि:

- हँसी पर अक्सर अश्रु का हक रहता है,

- और खामोशी में ही सबसे गहरा अर्थ छुपा होता है।


आपकी ये सातों पंक्तियाँ एक पूरी कहानी कहती हैं —  

एक ऐसे इंसान की, जो अब रोता-चिल्लाता नहीं, बस **मौन में सिमट चुका है**।


और इस मौन में ही उसने अपना घर बना लिया है — बिना दरवाज़ों वाला, जहाँ कोई दस्तक नहीं देता... और वह किसी का इंतज़ार भी नहीं करता।


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My youtube Account was suspended. I hate when this happens

 My youtube Account was suspended.  I hate when this happens 1) Reason for opening of  YouTube account In fact, I opened and activated my Yo...